शुक्रवार, 22 जनवरी 2010
चीन को उसी की भाषा में जवाब देने की जरुरत है -- योगी
बुधवार, 6 जनवरी 2010
नेपाल की धरती से भारत के खिलाफ बड़ी साजिश : योगी

महराजगंज/नौतनवां। सोनौली के श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में सीमा सुरक्षा एवं राष्ट्र रक्षा रैली को संबोधित करते हुए गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी और गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां नेपाल की धरती से भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे हैं। जाली करेंसी, मादक पदार्थ, विस्फोटक सामान तथा असलहों की खेपें भारतीय हद में पहुंचाकर हमारी अर्थव्यवस्था, परंपरा एवं संस्कृति पर गंभीर चोट करने का प्रयास जारी है।
योगी ने कहा कि नेपाल के माओवादी या उनके भारत विरोधी आकाओं को अच्छी तरह पता नहीं कि हम शास्त्र और शस्त्र दोनों के समन्वय से दुष्टों को सीख देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हमारे देश की सीमा पर अगर किसी ने कदम बढ़ाने का नापाक मंसूबा बांधा तो हम बोली से नहीं बल्कि गोलियों से उसका करारा जवाब देंगे। उन्होंने साफ शब्दों में यह भी कहा कि यदि आईएसआई, चीन या दूसरे आतंकवादी तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो हम उनके नापाक मंसूबों को कुचलने में कोई कोर कसर नहीं उठा रखेंगे।
महराजगंज/नौतनवां। सोनौली के श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में सीमा सुरक्षा एवं राष्ट्र रक्षा रैली को संबोधित करते हुए गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी और गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां नेपाल की धरती से भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे हैं। जाली करेंसी, मादक पदार्थ, विस्फोटक सामान तथा असलहों की खेपें भारतीय हद में पहुंचाकर हमारी अर्थव्यवस्था, परंपरा एवं संस्कृति पर गंभीर चोट करने का प्रयास जारी है।
योगी ने कहा कि नेपाल के माओवादी या उनके भारत विरोधी आकाओं को अच्छी तरह पता नहीं कि हम शास्त्र और शस्त्र दोनों के समन्वय से दुष्टों को सीख देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हमारे देश की सीमा पर अगर किसी ने कदम बढ़ाने का नापाक मंसूबा बांधा तो हम बोली से नहीं बल्कि गोलियों से उसका करारा जवाब देंगे। उन्होंने साफ शब्दों में यह भी कहा कि यदि आईएसआई, चीन या दूसरे आतंकवादी तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो हम उनके नापाक मंसूबों को कुचलने में कोई कोर कसर नहीं उठा रखेंगे।
योगी ने कहा कि सभी नेपालवासी भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त नहीं हंै। यह मुट्ठी भर वह तबका है जो माओ की अवैध संतान है। ये लोग विदेशी शह पर नेपाल को भी चीन के खूनी पंजों में सौंपने की दिशा में जीतोड़ सक्रिय हैं। और नहीं तो सता में आने पर वहां हिन्दू राष्ट्र समाप्त करने के षडय़ंत्र में लगा है। उन्होंने कहा कि नेपाल की आबादी एक तिहाई लोग भारत में सरकारी नौकरियों में छोटे से लेकर बड़े पदों पर तक तैनात हैं। अन्य बहुतेरे या तो निजी प्रतिष्ठानों में काम कर रहे हैं। लेकिन उनकी सोच कतई हमारी संस्कृति और परंपरा पर आघात पहुंचाने की नहीं होती है। योगी ने नेपाल के हिन्दुओं से भी वहां मजबूत हिन्दू संगठन खड़ा करने पर बल दिया। उन्होंने दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब के लिए मजबूत संगठन की जरूरत बताया। योगी के पूर्व जनसभा को हियुवा के प्रदेश प्रभारी राघवेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह, महामंत्री राम लक्ष्मण एवं भिखारी प्रजापति, महराजगंज के जिला संयोजक सतीश सिंह, जिलाध्यक्ष नृपेंद्र सिंह, अंतरराष्ट्रीय हिन्दू मंच के संयोजक जवाहर प्रसाद कसौधन, विश्व हिन्दू महा संघ के जिला मंत्री रूपनारायण मिश्र के अलावा कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस मौके पर नेपाल के शिव सेना संयोजक अर्जुन नरसिंह राणा, नेपाल-भारत मैत्री संघ के अध्यक्ष श्रीचंद्र गुप्त एवं दुर्गा बहादुर खत्री, फरेंदा के विधायक बजरंग बहादुर सिंह भी मंच पर मौजूद रहे। जनसभा की अध्यक्षता श्रीराम जानकी मंदिर सोनौली के महंत बाबा शिवनारायण दास ने और संचालन हियुवा के जिला उपाध्यक्ष नरसिंह पांडे ने किया।
रविवार, 8 नवंबर 2009
दलाई लामा का समर्थन करना चाहिए भारत सरकार को -- योगी आदित्यनाथ
हिन्दुत्व के महानायक योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि चीन को उसकी हरकतों से रोकने के लियेउसे करारा जवाब देना होगा । उन्होंने सरकार से मांग किया है की वो तिब्बत पे अपना दावा पेश करे और चीन में लोकतंत्र समर्थको का सहयोग करे ।
योगी आदित्य नाथ जी के चीन पे विचार जानने के लिये ऊपर के विजुअल को क्लिक करे ।